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VIth day

6.(if else statement)
आज Hindi के इस C/C++ programming language tutorial को आगे बढ़ाते हुए हम if-else statement के बारे में जानेंगे. इससे पहले comparison operator के बारे में जानना आवश्यक है अतः इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है. operator का मतलब है चिन्ह (जैसे की +, - ...). नीचे दिए गए comparison operator Boolean output देते हैं, मतलब ये यह बताते हैं की दिया गया statement true है या false
  • < और > : जैसे की 3 > 1 का output है true जबकि 3 < 1 ka output है false. इसी तरह 3 > 3 का output false होगा 3 से बड़ा 3 नहीं है. 3 < 3 का output भी false है.
  • <= और >= : ये ऊपर वाले की तरह ही हैं परन्तु 3 >= 3 और 3 <= 3 का output true हो जायेगा. ध्यान रहे की <= की जगह =< का उपयोग नहीं कर सकते. = का चिन्ह > या < के बाद ही आना चाहिए.
  • == : यह बताता है की दो value बराबर हैं या नहीं. यह int, char, आदि सभी को compare कर सकता है. याद रहे की यह = से अलग है. = assignment operator है जो की बाये और लिखे variable को दाई और लिखी value देता है, जबकि == दोनों और लिखे variable या value को compare करता है.

अब हम देखते हैं की इनका उपयोग if else में कैसे करते हैं.
if statement का format निम्न है.

if(boolean expression1) {
statement1;
} else if(boolean expression2) {
statement2;
}
.....
....
....
else {
statementN;
}

boolean expression वह है जिसकी value true हो या false. अगर boolean expression1 का मान true है तो सिर्फ statement1 execute होगा. अगर boolean expression1 का मान false है तो हम boolean expression2 देखेंगे. अगर यह true है तो statement2 execute होगा. इसी तरह आगे बढ़ते जायेंगे. जहाँ भी हमें boolean expression का मान true प्राप्त होगा केवल उसी से सम्बन्धित statement execute होगा, कोई और नहीं. अगर कोई boolean expression true नहीं है तो else के अन्दर जो statement है वो execute होगा. इसे एक उदहारण के द्वारा समझते हैं.
नीचे दिए गए example में दिए गए total marks और obtained marks के अनुसार हम percent निकालेंगे और percent के आधार पर grade print करेंगे.
#include <stdio.h>

int main() {

int total_marks = 500;
int obtained_marks = 272;

int percent = obtained_marks*100/total_marks;

if(percent >= 60) {
printf("Congrats!! You passed in 1st division.\n");
printf("Your percentage is %d.\n",percent);
}
else if(percent >= 45) {
printf("You passed in 2nd division.\n");
printf("Your percentage is %d.\n",percent);
}
else if(percent >= 33) {
printf("You just passed in 3rd division.\n");
printf("Your percentage is %d.\n",percent);
}
else {
printf("Sorry! you failed.\n");
printf("Your percentage is %d.\n",percent);
}

scanf("%s");
return 1;
}

ऊपर दिखाई गई values के अनुसार percent की value 54 आएगी.(यहाँ गौर करने लायक बात यह है कि percent कि value 54.4 नहीं आएगी क्योंकि हमने अपने program को int बनाया है. ) चूंकि percent 60 से छोटा है अतः पहली वाली condition (percent >= 60) का result false आएगा आएगा इसलिए हम अगली वाली condition (percent >= 45) check करेंगे जो कि true है अतः स्क्रीन पर print होगा
You passed in 2nd division.
Your percentage is 54

अब चूंकि कोई भी condition true होने पर उसके अन्दर वाले statement ही execute होते हैं. अतः यह C/C++ program और कुछ print नहीं करेगा. यहाँ एक बात ध्यान देने लायक है कि हमने printf के अन्दर \n का उपयोग किया है परन्तु यह print नहीं हुआ, क्योंकि \n का मतलब है new line character अर्थात \n के बाद जो भी print होगा वो अगली line में print होगा. यहाँ आप \n को हटाकर run करें और output देखें. इसी तरह दिए गए example में obtained_marks की अलग अलग value रख कर C/C++ program को run करें और output को ध्यान से देखें. अगर इससे संबधित कोई सवाल आपके पास है तो नीचे comment के माध्यम से पूछ सकते हैं.




http://programming-tutorial-hindi.blogspot.in/

Vth day

5.(variables और expressions – II)

चलिए पिछले सारे C/C++ hindi tutorial के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को एक बार फिर से दोहराते हुए आगे बढ़ते है !
  1. Compiler - जो C/C++ में लिखे गए program को मशीनी language में परिवर्तित कर देता है. compile करने के लिए हम Linux में gcc filename.c terminal में लिखते है जो उसी फोल्डर मेंa.out नाम से एक binary फाइल बना देता है. अगर a.out पहले से वहां है तो ये उसे बदल (replace) कर देगा! Windows पर भी यही प्रक्रिया है जो कि build एवं run करने पर background में चलती है!
  2. main() function - जहाँ से C का program चलना (execute) होना शुरू होता है. printf() function जो अपने अन्दर लिखे गए expression को बाहर terminal पर print कर देता है. main एवं printf के अन्दर लिखे जाने वाले expressions के बारे में हम आगे विस्तार में अध्ययन करेंगे.
  3. Variable declare करना एवं define करना (example int x =10) - जैसा कि पिछले लेख में हमने देखा किसी भी variable के 3 भाग होते हैं, पहला उसका datatype, जैसे की यहाँ integer. दूसरा उसका नाम जैसे कि x एवं तीसरा उसका मान (value), जो कि उपरोक्त उदहारण में 10 है.

अब अगर हम केवल int x; लिखते है, तो इसका मतलब ये है कि हमने इसे declare तो कर दिया है पर इसे अभी define नहीं किया है अर्थाथ x को अभी तक कोई value नहीं दी है. ध्यान रहे जब तक हम किसी भी variable को value नहीं दे देते हमे उसे उपयोग में नहीं लेना चाहिए क्यूंकि compiler x के लिए memory तो निर्धारित (allocate) कर देगा मगर उस memory में पहले से भी कुछ हो सकता है, जो कि वांछनीय(desirable) नही है. सामान्यतया किसी भी function या program के शुरू में हम variables को declare करते है. इसके बाद इसे उपयोग में लेने से पहले उसे उचित मान देते है. मान देने के लिए = चिन्ह से पहले variable का नाम एवं इसके बाद में उसकी value लिखते है. जब हम किसी variable को कोई मान देते है तो execute होते वक़्त वह value निर्धारित memory में लिख दी जाती है.

computer जैसे सारे उपकरणों में सामान्यतया मेमोरी sequential bytes में विभाजित होती है. जिसे हम address कर सकते है. पहली byte का एड्रेस 0 होता है. दूसरी का 1 .. इसी तरह आगे की सारी memory address की जाती है. 1 byte में 8 bits होते है. जहाँ bits किसी भी value को store करने की सबसे छोटी इकाई है. 1 bit में हम या तो 0 store कर सकते हैं या फिर 1.

C/C++ computer programming language में बहुत सारे datatypes है उनमे से मुख्यतया निम्न उपयोग में आते है,
  1. int - जो कि एक पूर्णांक (integer) मान लेता है. जिनमे हम −2,147,483,648 से 2,147,483,647 (range) तक की कोई भी value store कर सकते है.
  2. float - जो कि एक दशमलव (real number) मान लेता है जैसे कि 1.2, .002 etc.
  3. char - जो कि एक अक्षर(character जैसे a,b ...) को store करता है. Computer हर अक्षर को number की तरह store करता है. जैसे की अगर हम a store करना चाहते हैं तो Computer 97 store करेगा. ASCII table की सहायता से आप यह जान सकते हैं की किस character के लिए Computer कौन सा number store करता है.
  4. इन datatypes के कई महत्वपूर्ण रूपांतरण (variant) भी है, जैसे कि -
  5. double - ये float का variant है जो कि ज्यादा शुद्धता से मान ग्रहण कर सकता है. इसलिए यह float से ज्यादा memory लेता है.
  6. short int - ये int का variant है, इसका परिसर( −32,768 से 32,767 ) है, जोकि int से कम है इसलिए यह int से कम memory लेता है..
  7. long int - ये भी int का ही एक variant है. जो कि 32 bit architecture machine पर 4 byte एवं 64 bit architecture machine पर 8 bytes लेता है. एवं इसी के अनुसार इसका परिसर int से बड़ा ( −9,223,372,036,854,775,808 से +9,223,372,036,854,775,807 ) या बराबर होता है. इसी तरह long double भी है.
  8. unsigned int - ये int का एक ऐसा variant है जो negative value नहीं लेता है. इसी कारन उन्ही 4 bytes में positive परिसर (range) बढ़ कर 0 से +4,294,967,295 हो जाता है. इसी तरह unsigned long int एवं unsigned short int भी है.

हमने पिछले topic(C/C++ hindi tutorial) में एक program लिखा था जो कि दिए गये दर (rate), समय (time) एवं मूल्य (price) के लिए ब्याज (interest) कि गणना करता है. परन्तु हमने उस code में दर, समय एवं मूल्य तीनो int लिए है. क्या ऐसा नहीं हो सकता कि हमे दर दशमलव में दी हो? या फिर समय int ना हो? जरुर हो सकता है! तो हमारे code को उस परिस्थिति में भी काम करवाने के लिए निम्न code से replace कर दें.
#include <stdio.h>

int main() {

float price;
float rate ;
float time;

price = 1000.0 ;
rate = 5.3;
time = 3.5;

float interest;
interest = price*rate*time/100.0;

printf("Price is %f, Rate is %f, time is %f, calculated interest is %f", price, rate, time, interest);

scanf("%s");
return 1;
}
अगर हम ध्यान दे तो ये पायेंगे कि यहाँ printf में हमने %d की जगह %f का उपयोग किया है, %d int को print करने के लिए उपयोग में आता है एवं %f float value को.
Note: अगर आप ऊपर दिए गए C/C++ program को Linux में Run करे तो अंत में यह Segmentation Fault error देगा, जिसे अभी के लिए ignore कर दें उसका कारन और हटाने का तरीका बाद में बताया जायेगा जब हम scanf के बारे में बात करेंगे

VIth day



4.(variables और expressions)


variables in C/C++ programming language
Variable यहाँ पर गणित की तरह ही होता है, जो कोई भी मान ले सकता है. सबसे पहले variable define करते हैं. define करने का मतलब यह है की सबसे पहले हमें C/C++ program को बताना होता है की हम किस नाम का variable use कर रहे हैं. नीचे दिए उदहारण की सहायता से इसे समझते हैं. 
#include <stdio.h>
int main() {
  int x;
  x = 1;
  x = 5;

  scanf("%s");
  return 1;
}
अगर इस program की तुलना पहले वाले program से करे तो आप पाएंगे की printf वाली line को हटाकर 3 line add कर दी हैं. अब हम उन 3 line  का अध्ययन करते हैं.
1. int main() { के बाद पहली line में लिखा हुआ है int x;
इसके द्वारा हम program को यह बता रहे हैं की हमने x नाम का variable define किया है और int यह बता रहा है की यह variable केवल integer यानि पूर्णांक मान ले सकता है.
इसी तरह अगर हम लिखे int temp; तो यह temp नाम का variable define करेगा जो integer (पूर्णांक) मान ले सकेगा.
2. x = 1;
अभी तक variable x सिर्फ define किया था, उसे कोई मान नहीं दिया था. इस line के द्वारा हम x का मान 1 कर रहे हैं. इसी तरह अगली line में हम x का मान 5 कर रहे हैं.
किसी भी C/C++ program में हम कितने भी variable define कर सकते हैं परन्तु सभी के नाम अलग अलग होना चाहिए.

Expression in C/C++ programming language
Expression समझने के लिए नीचे example देखिये. 
#include <stdio.h>

int main() {
  int price;
  int rate ;
  int time;

  price = 1000;
  rate = 5;
  time = 3;

  int interest;
  interest = price*rate*time/100;

  scanf("%s");
  return 1;
}
ऊपर दिए गए program में पहले 3 variable: price, rate, time define किये गए हैं और उनके मान set किये हैं. फिर एक variable interest define किया है. * चिन्ह का मतलब है गुणा (multiplication) और / चिन्ह का मतलब है भाग (division). इस तरह दिए गए value के आधार पर interest variable में ब्याज(interest) की value आ जायेगी. यहाँ 
price*rate*time/100;
एक expression है. इसे हल करने पर 150 आता है अतः interest की value 150 हो जाती है. इसी तरह +, -, *, / और कोष्ठक () का उपयोग करते हुए कोई भी expression लिख सकते हैं.

Variable की value screen में print करना(printf की सहायता से)
पिछले topic में हमने जाना था कि printf(""); में "" के बीच जो भी लिखा जाता है वह screen में लिखा हुआ आ जाता है. आज इसके बारे में थोडा और जानेंगे. नीचे दी गयी line को ध्यान से देखिये.
printf("Value is %d", 8);
यह screen पर print करेगा Value is 8
यहाँ printf function 2 input या parameter ले रहा है. printf सबसे पहले 1st parameter पढता है. अगर 1st parameter में कहीं भी %d लिखा हो तो यह दूसरा paremeter पढता है और screen पर %d की जगह दूसरे parameter की value print करता है. इसी तरह जितनी बार भी %d हो, उतने ही parameter पढता है और उनकी value print करता है. नीचे दिए गए उदहारण से और ज्यादा स्पष्ट हो जायेगा.
#include <stdio.h>

int main() {
  int price;
  int rate ;
  int time;

  price = 1000;
  rate = 5;
  time = 3;

  int interest;
  interest = price*rate*time/100;

  printf("Price is %d, Rate is %d, time is %d, calculated interest is %d", price, rate, time, interest);

  scanf("%s");
  return 1;
}
ऊपर दिया गया program यह print करेगा
Price is 1000, Rate is 5, time is 3, calculated interest is 150
ध्यान रहे 1st parameter में जितने %d होंगे, उतने ही अतिरिक्त paremeter उसी क्रम में देने होंगे.

IIIrd day



3.(program समझना - Understanding program)

आज Hindi के इस C/C++ programming language tutorial को आगे बढ़ाते हुए पिछले वाले program को समझेंगे. एक बार फिर से नीचे वह program लिख रहा हूँ.
#include <stdio.h>
int main() {
   printf("Namaskar");
   scanf("%s");
   return 0;
}
आप देख ही चुके हैं की इस C/C++ program को चलाने से screen पर Namaskar लिखा हुआ आता है. आज हम इस program की एक line ही समझेंगे और कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानेंगे.

तीसरी line को ध्यान से देखिये इसमें printf("Namaskar"); लिखा हुआ है. C में printf एक function होता है इसके अन्दर हम जो भी " " के बीच में लिखते हैं वह screen पर लिखा हुआ आ जाता है. अब आप उस line में Namaskar की जगह कुछ और लिखकर program चलाने का प्रयास करें और output देखें.

इस program की अन्य lines को बाद में समझेंगे. अभी ये मान लीजिये की हर program ऊपर वाली 2 line और नीचे वाली 3 line लिखना है, कुछ दिनों तक हम सिर्फ printf वाली line में ही changes करके देखेंगे.

इस program के विषय में कुछ महत्त्वपूर्ण points


1.C का हर program वहां से run होना शुरू होता है जहाँ main() { लिखा होता है. program run होते ही main() { के बाद हर एक line को पढता है और उसे run (execute ) करता है और } का चिन्ह मिलते ही program समाप्त हो जाता है. यहाँ हम बाद में जानेंगे की बाद वाली 2 line execute होने पर क्या होता है.
2.printf एक function या method है (हम यहाँ function नाम use करेंगे), हर function कुछ न कुछ input लेता है जो की function के बाद छोटे कोष्ठक में लिखा जाता है.
3. function का कोष्ठक बंद होने के बाद semicolon का चिन्ह (;) लगाना आवश्यक है. semicolon का चिन्ह compiler को यह बताता है की यह function पूरा हो गया है ताकि वह अगली command पढ़ सके.
अब नीचे दिया गया program चलायें.
#include <stdio.h>
int main() {
   printf("Namaskar")
   scanf("%s");
   return 0;
}
जब आप इस program को compile करेंगे तो यह कुछ इस तरह की error देगा
In function `int main()':
error: expected `;' before "scanf"
Execution terminated
इसका मतलब यह है की scanf के पहले ; लगा होना चाहिए, जैसा की ऊपर बताया जा चुका है. परन्तु अगर आप ध्यान से देखें तो ऊपर दिए गए program में printf function के बाद ; नहीं लगाया गया. इसे सुधार कर compile करने पर यह compile हो जायेगा.

ध्यान रहे किसी program को रन करने से पहले compile करना आवश्यक होता है. अगर आपने program modify किया है तो उसे फिर से compile करना होगा.

IInd day


2.(सर्वप्रथम program चलाना सीखें - Learn to run programImportant Notice)


अब अपना C/C++ computer program run करें online, बिना compiler Install किये. इसके लिए ऊपर "Run Program Here" पर click करें. इससे पहले हम compiler के बारे में जान चुके हैं और उसे इन्स्टाल भी कर चुके हैं. उसे पढ़े बिना आपको यहाँ कठिनाई आ सकती है. अगर आपने मेरी पहले वाली पोस्ट नहीं पढ़ी हो उसे पढने के लिए यहाँ क्लिक करें.
पहले आपको program लिखकर फाइल में save करना पड़ेगा फिर उसको हम चलाना (execution) सीखेंगे. आज हम यही सीखेंगे की ये कैसे करना है.

 

program को फाइल में सेव करना

===Windows के लिए===

1 . dev-c++ open करें. (Start -> All Programs -> Dev-C++)
2 . यदि Dev-C++ के अन्दर "Tip of the Day"  की window खुल गयी हो तो उसे बंद कर दें. (बंद करने से पहले ये tips पढ़ भी सकते हैं शायद कभी काम आ जाये)
3 . अब File पर क्लिक करे(सबसे ऊपर बाये और की पट्टी में) उसमे New पर क्लिक करे और फिर Source File पर क्लिक करे. अब बॉक्स में आप प्रोग्राम लिखना शुरु कर सकते हैं. अभी के लिए निम्न program वहां पर लिख दें.
#include <stdio.h>

int main() {
  printf("Namaskar");

  scanf("%s");
  return 0;
}

4 .  अब menu में Execute ->Compile पर जाये.
नोट: ऊपर दिए गए program को ध्यान से बिना spelling में गलती किये लिखे अन्यथा Compile करने में Error आएँगी.
5 . अब menu में Execute -> Run पर जाये. आपके सामने एक काली window खुलेगी जिसपर लिखा होगा Namaskar. ये इस program का output है.  अब आप काली विंडो को बंद कर सकते हैं.

 

==Ubuntu Linux के लिए==

1 . किसी भी text editor (vim , gedit , emacs ...) में एक नयी फाइल बनाये.
2 . उस फाइल में निम्न program को लिखें और उसे किसी भी फोल्डर में सेव कर लें. फाइल का नाम namaskar.c रखें. वैसे नाम आप कुछ भी रख सकते है पर C program की फाइल के अंत में .c  लगाना आवश्यक है.
#include <stdio.h>

int main() {
  printf("Namaskar");

  return 0;
}

3. अब terminal खोले और cd command के उपयोग से उस फोल्डर में जाये जहाँ आपने प्रोग्राम सेव किया है . यहाँ 4 command मुख्य रूप से आपके काम आ सकते है.
१. ls : current फोल्डर के अन्दर स्थित सभी फाइल और फोल्डर के नाम देखने के लिए.
२. cd ..  : current फोल्डर से बाहर आने के लिए.
३. cd <फोल्डर का नाम>: current फोल्डर के अन्दर स्थित किसी फोल्डर में जाने के लिए
४. pwd : current फोल्डर की full location देखने के लिए.

4 . यहाँ टर्मिनल ने टाइप करे
gcc namaskar.cऔर Enter करे. अगर कोई  error नहीं आई हो तो आपका प्रोग्राम सफलतापूर्वक compile हो गया है.

5 . Run करने के लिए टाइप करें
./a.out
स्क्रीन पर namaskar लिखा आ जायेगा.और आपका प्रोग्राम Run हो गया. बाहर आने के लिए कुछ भी टाइप करके इंटर करे.

==============


बधाई हो आपका पहला program सफलतापूर्वक Run हो गया हो. कोई दिक्कत हो तो आप इस पोस्ट पर टिपण्णी (comment ) करे, साथ में आपका C/C++ program एवं error भी लिख दें ताकि हम आसानी से आपकी गलती पहचान सकें.
अगर आपको ये लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों को भी बताएं क्यूंकि ये उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है !!

Ist Day..


C++

C++




1.(प्रारंभ करने से पहले - Before starting)


C/C++ Programming language tutorial in Hindi: Introduction

C यह दुनिया की पहलों ऐसा computer language है जो बहुत पुरानी; है पर इसका उपयोग आज भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. परन्तु बहुत से लोग ऐसे हैं जो C/C++ सीखना चाहते हैं पर अंग्रेजी में सहज महसूस नहीं करते, इस कारण किताबो से पढ़कर नहीं सीख पाते. मजबूरन उन्हें समय और पैसा खर्च करना पड़ता है. आशा है ऐसे लोगो को मेरा प्रयास पसंद आएगा. Hindi में C/C++ programming language सिखाने का मेरा उद्देश्य यह नहीं है कि आप अंग्रेजी मत सीखो, आप जिस क्षेत्र में हैं उसमे अंग्रेजी भी महत्त्वपूर्ण हैं परन्तु अगर आप को यह जानकारी Hindi में उपलब्ध हो तो आप और अच्छी तरह से C/C++ programming language सीख सकते हैं, C/C++ सीखने से पहले आपको अंग्रेजी नहीं सीखना पड़ेगी.

यह C/C++ programming language hindi tutorial किसके लिए और किस प्रकार लिखा जायेगा

यह शिक्षण इस प्रकार से लिखा जायेगा; कि जिनको किसी भी computer language का ज्ञान नहीं है वो भी इसे पढ़कर आसानी से C/C++ सीख सके. जिनको अन्य भाषाओ का ज्ञान है पर C/C++ का ज्ञान नहीं है वो भी इससे लाभ ले सकते हैं, इसमें C/C++ की सभी विशेषताओ का कारण सहित अध्ययन किया जायेगा और इसे आकर्षक बनाने का प्रयास किया जायेगा. अंत में ये उन लोगो के लिए लिखा जा रहा है जिन्हें अंग्रेजी समझने में असहजता महसूस होती है. आशा है ये आपके काम आएगा.

Compiler क्या है

हम जब computer के लिए निर्देश(computer program)लिखते हैं तो वो English भाषा की तरह लिखते हैं जिसे हम आप पढ़कर समझ सकते हैं परन्तु computer इसे नहीं समझ सकता. computer मशीन की भाषा समझता है जिसे हम आसानी से नहीं समझ सकते. इसके लिए हमें ऐसी software की जरूरत पड़ती है जो हमारे द्वारा लिखे गए program को computer की language में convert कर देता है, जिसे computer समझकर उसका पालन कर सके. इस तरह के software को compiler कहते हैं.

compiler इन्स्टाल करना

Note: अगर आप बिना compiler Install किये C/C++ program Run करना चाहते हैं तो ऊपर "Run Program Here" पर click करें. 
यहाँ Winodows OS के लिए devcpp और Linux के लिए gcc compiler इन्स्टाल करने की विधि बताई जा रही है.

windows का उपयोग करने वाले यहाँ  पर क्लिक करे. Downloads section में पहले स्थान पर जो लिंक दिया गया है उस पर क्लिक करके 9mb का सॉफ्टवेर डाउनलोड करके इन्स्टाल कर लें. इन्स्टाल करना आसान है. किसी को इन्स्टाल करने में दिक्कत आ रही हो तो टिप्पणी के माध्यम से संपर्क करे.

ubuntu Linux का उपयोग करने वाले terminal खोले (terminal कैसे खोले यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करे) और उसमे लिखे

sudo apt-get install gcc

और Enter  का बटन दबा दे. अगर password पूछे तो वो भी Enter कर दे. कुछ देर बाद gcc अपने आप इन्स्टाल हो जायेगा.

कोई भी प्रश्न आने पर या सलाह देने के लिए टिपण्णी करना न भूले. अगर आपको लेख पसंद आये तो मित्रो को भी बताये, facebook ,twitter में share करे.

Disclaimer : यहाँ आने वाले tutorial को लिखने में पूर्ण सावधानी बरती जा रही है और यथासंभव सही जानकारी दी जाएगी, फिर भी किसी भी गलती के लिए और उसके द्वारा पाठक को हुई हानि का जिम्मेदार लेखक नहीं है.